Flag counter Chidiya

Flag Counter

Friday, April 14, 2017

जीवित देहदान

ज़िंदगी की प्रयोगशाला में
ज़िंदा शरीरों पर
किए जाते हैं प्रयोग,
यहाँ लाशों का नहीं
कोई उपयोग !
शर्त उसपर ये कि
आत्मा भी ज़िंदा हो
बची उस शरीर में !

और वह ज़िंदा शरीर
सहता हर चीर - फाड़
पूरे होशो हवास में !
वक्त, उम्र, हालात,
ये तीन डॉक्टर, और
उनकी पूरी टीम यानि
उसी ज़िंदा शरीर के
सगे, अपने, दोस्त, प्यारे,
मिलकर करते प्रयोग
अनेक प्रकार के !

तरह तरह की यातनाएँ,
शारीरिक, मानसिक,
हर प्रताड़ना - वंचना से,
गुजारकर परखते हैं
लिखते जाते हैं शोधग्रंथ,
निष्कर्ष नए - नए !

इस सारी प्रक्रिया के बाद भी
जो बच जाता है ज़िंदा,
उस पर फूल बरसाए जाते हैं
नवाजा जाता है उसे
महानता के खिताब से
सजा दिया जाता है
म्यूजियम में वह जिंदा शरीर,
ताकि और लोग भी ले सकें
प्रेरणा 'जीवित देह'दान की !